
*माताओं बहनों को मासिकधर्म या पीरियड्स 28 दिन पर ह...

*माताओं बहनों को मासिकधर्म या पीरियड्स 28 दिन पर ही क्यों आना चाहिए ???* ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 27 नक्षत्र होते हैं जब ये नक्षत्र पुरे हो जाते हैं तो नियमतः मासिक धर्म होना चाहिए।मासिक धर्म महिलाओं के स्वास्थ्य का सूचना तंत्र होता है।जिसका सबसे ज़्यादा संबंध चंद्रमा ग्रह से होता है। इस चक्र में अनियमितता की वजह से महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जहां कुछ महिलाओं के पीरियड देरी से आते है तो वहीं कुछ महिलाओं के माहवारी चक्र पूरा होने से पहले ही कुछ महिलाओं को पीरियड आ जाता है। समय से और नियमित तौर से माहवारी आना महिलाओं की सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। अगर आप लगातार अनियमित माहवारी का सामना कर रही है तो आपको सावधान होने की जरुरत है। अपने कुंडली के चंद्र और मंगल ग्रह पर विशेष ध्यान देना चाहिए।आइए जानते है आखिर क्यों कई बार महिलाओं को अनियमित पीरियड जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक या दो दिन देरी से पीरियड आना या जल्दी आना फिर भी सामान्य सी बात है। मासिक धर्म चक्र 28 दिनों का होता है। अगर पीरियड एक हफ्ते देरी से आते है या पहले ही आते है तो यह आपके लिए चिंताजनक है और इस दौरान महिलाओं को असहनीय दर्द भी सहना पड़ता है। यहां हम बता रहे है कि जल्दी और देरी से मासिक धर्म आने की वजह से क्या क्या हेल्थ रिलेटेड समस्याएं हो सकती है। हार्मोनल असंतुलन- यदि आपके पीरियड अनियमित है तो आपको जांच करने की जरुरत है कि कहीं हार्मोन में तो कुछ गड़बड़ नहीं हैं, क्योंकि हार्मोन अंसतुलन होने की वजह इसका असर सीधा मासिक धर्म में पड़ता है। एन्डोमीट्रीओसिस एंडोमीट्रीओसिस एक ऐसी स्थिति होती है, जहां गर्भाशय, योनि की दीवारों और फैलोपियन ट्यूबों के अस्तर में एक ऊतक का विकास होता है। जिसकी वजह से मासिक धर्म में अनियमिताएं होती है। पौषण की अंसयमिता नियमित मासिक धर्म के लिए जरुरी है एक पौष्टिक आहार। जब शरीर में निश्चित पौषक तत्वों की कमी होने लगती है तो इसका असर मासिक धर्म में दिखता है। तनाव- स्ट्रेस का असर महिलाओं के मासिक धर्म पर देखने पर मिलता है। जब कोई महिला तनाव में होती है तो शरीर से कॉर्टिसॉल और एड्रेनालाईन हार्मोन शरीर से निकलते है। जिसके वजह से मासिक धर्म इफेक्ट होते है। थाईराइड की समस्या चाहे हाइपरथायरॉडीज या हाइपोथायरायडिज्म हो, दोनों ही मामलों में मासिक धर्म चक्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। थाइराइड का स्तर ज्यादा हो या कम लेकिन ये मासिक धर्म केन लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। हार्मोन्स की गड़बड़ी या असंतुलन की वजह से होता है। इस सिंड्रोम की वजह से ऑवरीज में अंडों का विकास होने में असफल हो जाता है। जिसकी वजह से मासिक धर्म में समस्या होती है।और संतान होने में भी समस्या आती है जिसे आप दैनिक दिनचर्या में सुधार कर ठीक कर सकते हैं ऐसा हमने सेकड़ों बहनों को ठीक किया है।दैनिक दिनचर्या बदलने में समय लगता है इसमें 45 दिन से 90 दिन तक लगता है। उपाय- 1-लाल फूल एवं सफेद फूल वाले पौधों को सींचे। 2-रोज कुछ देर कच्ची मिट्टी में चले। 3-शिव जी को मीठा दूध चढाये।एवं हरश्रृंगार का पुष्प अर्पित करें। 4-ॐ भूमिपुत्राय नम: इस मंत्र का रोज 21 बार जप 90 दिनों तक करे।
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