
सोल्यूशन विद् लाल किताब वाटॅसअप नं.9755555085 लाल...
सोल्यूशन विद् लाल किताब वाटॅसअप नं.9755555085 लाल किताब में रोग संबंधी उपाय बृहस्पति की अशुभता अगर किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में बृहस्पति की अशुभता के कारण गैस्ट्कि या फेंफड़ों से संबन्धित बीमारी का सामना करना पड़े, तो उसे रोजाना अपने मस्तक पर केसर तिलक लगाना चाहिए। इसके साथ ही उसे प्रतिदिन थोड़ी बहुत मात्रा में केसर या गोरोचन का सेवन करना चाहिए। इस उपाय से बृहस्पति की अशुभता नष्ट होती है। शुक्र की अशुभता शुक्र की अशुभता के कारण यदि किसी स्त्री-पुरूष में गुप्त रोग पैदा हो जाएं, तो उसे गाय की सेवा करनी चाहिए। अपने घर गाय की पालना करनी चाहिए। मन्दिर या किसी देव स्थान अथवा कुल ब्राह्मण को गौ दान करनी चहिए। इस उपाय से शुक्र की अशुभ जन्य पैदा रोग षांत होते है। सूर्य की अशुता सूर्य से संबन्धित बीमारी की अवस्था यथा हृदय रोग के दौरान पानी में देसी गुड़ डालकर पीना चाहिए। इसके अलावा प्रातःकाल नियमित रूप से सूर्य को अघ्र्य देना चाहिए। इस उपाय से सूर्य संबन्धित बीमारियां नष्ट हो जाती है। चंद्र की अशुभता चंद्र से सबन्धित बीमारियों के लिए कुछ दिन कच्चा दूध और चावल किसी देव स्थान पर चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा गौदुग्ध से निर्मित खीर या बर्फी का दान किसी मन्दिर में करते रहना चाहिए। ऐसे उपाय से चंद्र संबन्धित बीमारियां दूर होने लगती है। मंगल की अशुभता मंगल की अशुभता सबन्धित बीमारियों में जब पेट संबन्धी बीमारियां ज्यादा परेशान करने लगे, तो जातक को बरगद के पेड़ की जड़ में देसी गुड़ और कच्चा दूध मिलाकर निरंतर 43 दिन शिव मन्दिर या किसी अन्य देव स्थान पर चढ़ाना चाहिए। इस उपाय से मंगल संबन्धित बीमारियां शान्त होने लगती है। बुध की अशुभता बुध से सबन्धित बीमारियों के दौरान जब त्वचा संबंधी बीमारियां सताये तो निरंतर चार दिन अर्थात् 96 घंटे के लिए नाक में चांदी की तार डालनी चाहिए अथवा नाक में सफेद रेशमी धागा डालकर उसे बिधवा कर रखना चाहिए। तांबे के पैसे में सुराख करके उसे चलते पानी में प्रवाहित करना चहिए। इन उपाय से बुध संबन्धित बीमारियां दूर होती है। शनि की अशुभताअषभुता नि से सबन्धित बीमारियों के लिए षुद्ध नदी, नीले या झरने के बहते पानी में नित्य कच्चा नारियल बहाना चाहिए। इस उपाय से निष्चित ही षनि की अषुभता षांत होती है और षनि संबंधी रोग समाप्त होते है। राहू की अशुभता राहू सबन्धित बीमारियों के लिए पत्ते सहित मूली, जौ, सरसों का साग किसी मन्दिर में दान करना चाहिए। इससे राहू से संबन्धित बीमारियों में लाभ मिलता है। केतु की अशुभता केतु सबन्धित बीमारियों के लिए तंदूर में मीठी रोटी बनाकर लगातार 43 दिन कुत्ते को खिलानी चाहिए। तंदूर मिट्टी का बना होना चाहिए। ऐसे उपाय केतु संबन्धी बीमारियों को शान्त करते है। अगर आप अपनी जन्मकंडुली दिखाना चाहते है या लाल किताब द्वारा किसी समस्या का निराकरण चाहते है तो संपर्क करें। 9425964795
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