
बृहस्पति देव का तुलाराशि में प्रवेश, राशि प्रभाव J...
बृहस्पति देव का तुलाराशि में प्रवेश, राशि प्रभाव Jupiter transit into Libra, 12 Sept बृहस्पति ग्रह जिसको की देवताओं का गुरू भी कहा जाता है इसे एक शुभ ग्रह माना जाता है। कुंडली में बृहस्पति जातक की धन संपत्ति, जीवनसाथी, गुरु, पिता, मित्र, और विद्या इत्यादि का प्रतिनिधित्व करता है व अपनी राशि परिवर्तन के द्वारा प्रत्येक राशि व लग्न के जातक के जीवन पर अलग-अलग प्रकार से प्रभाव डालता है। किसी राशि व भाव में बृहस्पति का फल शुभ तथा किसी में अशुभ फल प्राप्त होता है। यह एक मंद गति ग्रह है यह एक राशि में लगभग 1 वर्ष तक निवास करता है इसलिए यह एक राशि में काफी लंबे समय तक स्थित रहकर मनुष्य के जीवन को में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन लाता है। एक वर्ष में बृहस्पति की चाल कभी मार्गी होती है तो कभी वक्री। तुला राशि प्रवेश परिवर्तन का प्रभाव प्रत्येक लग्न व राशि के जातकों पर गुरु के इस राशि परिवर्तन का क्या प्रभाव पड़ेगा पिछले वर्ष 11 अगस्त 2016 में कन्या राशि में प्रवेश किया और प्रत्येक लग्न में राशि के जातकों को अलग-अलग प्रकार से प्रभावित किया। इस वर्ष 12 सितंबर 2017 को बृहस्पति महाराज तुला राशी में प्रवेश करने जा रहे हैं। तुला राशि में गोचर करते समय ब्रह्स्पति तीन नक्षत्रों चित्रा, स्वाती, विशाखा से गोचर करेंगे। जिनके स्वामी मंगल, राहु और बृहस्पति है। तुला राशि का स्वामी शुक्र है। बृहस्पति का # तुला_राशि_में_प्रवेश_करने_पर प्रत्येक जातक के जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? मेष लग्न या राशि पर गुरु के तुला राशि में प्रवेश का प्रभाव मेष लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति ग्रह नवम व बारहवें भाव का स्वामी बनता है। 12 सितंबर 2017को तुला राशि में प्रवेश करने पर बृहस्पति आपके विवाह स्थान में प्रवेश करेगा इसके प्रभाव से इस वर्ष आपकी शादी के विशेष योग बन रहे हैं। और यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी से संबंधों_में_सुधार होगा आपके व्यवसाय का संबंध विदेश से हो सकता है तथा इसके संबंध में काफी छोटी है बड़ी यात्रा करनी पड़ सकती है। परंतु आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है व्यर्थ के खर्चों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। गुरु के राशि परिवर्तन के प्रभाव से इस वर्ष आप धर्म-कर्म के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। 15 अक्टूबर 2017 को जब गुरु तुला राशि में राहु के नक्षत्र में गोचर करेगा जिसके प्रभाव से आपकी कुंडली में वाहन संबंधी सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। तथा माता पिता का पूर्ण सुख प्राप्त होगा। इसके बाद 17 दिसंबर 2017को जब गुरु तुला राशि में गुरु के नक्षत्र में ही गोचर करेगा इसके प्रभाव से छोटी बड़ी यात्राओं में बढ़ोतरी होगी तथा खर्चो पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। उपाय के तौर पर बृहस्पतिवार वाले दिन सात हल्दी की गांठ लेकर आज मंदिर में दान करें। यह उपाय माह में एक बार अवश्य करें। वृष लग्न या राशि पर गुरु के राशि परिवर्तन का प्रभाव वृष लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति अष्टम व ग्यारहवें भाव का स्वामी बनता है। और 12 सितंबर 2017 को बृहस्पति आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहा है इसके प्रभाव से जातक के स्वास्थ्य में कुछ विपरीत परिणाम देखने को मिल सकते हैं अपने स्वास्थ्य के ऊपर खर्चा बढ़ सकता हैं। नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं आय के नवीन स्रोतों का विकास होगा परंतु इसके लिए आपको कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है कार्यक्षेत्र में संघर्ष में वृद्धि होगी। जीवनसाथी से सुख प्राप्त होगा। तथा परिवारिक शांति का माहौल बना रहेगा। 15 अक्टूबर 2017 को गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गोचर करेगा इसके प्रभाव से आपको अपने भाई बहनों का पूर्ण सुख प्राप्त होगा तथा लेखन से संबंधित कुछ नवीन_कार्य_की_शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद 17 दिसंबर 2017 को जब गुरु स्वयं अपने ही नक्षत्र में गोचर करेगा तब आपको अपने कार्य क्षेत्र की दृष्टि से कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उपाय के तौर पर रोजाना सुबह नाभी, जुवान व माथे पर केसर का तिलक अवश्य लगाएं। मिथुन लग्न या राशि मिथुन लग्न वाले जातकों के लिए गुरु सप्तम और दशम भाव का स्वामी बनता है व 13 सितंबर 2017 को बृहस्पति आपके पंचम भाव में प्रवेश करेगा ब्रहस्पति को संतान कारक गृह भी माना जाता है और पंचम भाव में बृहस्पति के प्रवेश के प्रभाव से जातक को संतान से संबंधित कुछ शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। यह वर्ष आपके लिए नौकरी_में_तरक्की के लिए भी उत्तम प्रदान करने वाला है। तथा विद्यार्थियों के लिए यह समय किसी भी प्रकार की प्रतियोगिता परीक्षा के लिए अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। 15 अक्टूबर 2017 को गुरु तुला राशि मे राहु के नक्षत्र में गोचर करेगा जिसके प्रभाव से आप के संचित धन में वृद्धि होगी। तथा घर के सदस्यों में तालमेल बना रहेगा। 17 दिसंबर 2017को गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में गुरु के नक्षत्र में गोचर करेगा इसके प्रभाव से आपके कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। तथा आपके जीवनसाथी के साथ आपके संबंध बेहतर होंगे। उपाय के तौर पर बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए रोजाना नाभि जुबान व माथे पर केसर का तिलक लगाएं। कर्क लग्न या राशि पर कर्क लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति छठे और नवम भाव का स्वामी बनता है तथा 12 सितंबर 2017 को तुला राशि में प्रवेश के द्वारा आपकी कुंडली में बृहस्पति चतुर्थ भाव से गोचर करेगा जिसके प्रभाव से यदि किसी प्रॉपर्टी के लेनदेन के बारे में आप काफी लंबे समय से विचार कर रहे हैं तो वह # कार्य_पूर्ण होगा। नौकरी में परिवर्तन के योग भी बन रहे हैं। माता के स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतें। विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्ति के लिए अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। 15 अक्टूबर 2017 को गुरु आपकी कुंडली में राहु के नक्षत्र में गोचर करेगा स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है तथा तीर्थ स्थानों की यात्राएं हो सकती हैं। तथा कुछ समय के लिए अपने निवास स्थान से दूर रहने के योग भी बन रहे हैं। 17 दिसंबर 2017 को गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में गुरु के नक्षत्र में गोचर करेगा जिसके प्रभाव से आपको अपने पिता का पूर्ण सुख प्राप्त होगा तथा किसी भी प्रकार की प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। तथा सुख सुविधाओं मे वृद्धि होगी। उपाय के तौर पर बेहतर परिणाम के लिए रोजाना दो मुट्ठी साबुत मूंग पक्षियों को डाले। सिंह लग्न वाले जातकों के लिये सिंह लग्न वाले जातकों के लिए ब्रहस्पति पंचम तथा अष्टम भाव का स्वामी बनता है तथा 12 सितंबर 2017 को तुला राशि मे प्रवेश के दौरान बृहस्पति आपके तीसरे भाव से गोचर करेगा। जिसके प्रभाव से आपके भाई बहनों के साथ आपकी कुछ अनबन हो सकती है जिसके कारण पारिवारिक शांति मे कमी आ सकती है। इसके बाद 15 अक्टूबर 2017 को जब गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में राहु के नक्षत्र गोचर करेगा जिसके प्रभाव से आप अपने संचित धन को कहीं निवेश कर सकते हैं प्रॉपर्टी आदि में भी आप निवेश कर सकते हैं जिसका आपको लाभ_प्राप्त_होगा इसके बाद 17 दिसंबर 2017 को जब गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में गुरु के ही नक्षत्र में गोचर करेगा इस समय आपको अपनी वाणी पर कुछ संयम रखने की आवश्यकता है नहीं तो इसका प्रभाव आपकी पारिवारिक जिंदगी पर पड़ सकता है। तथा कार्यभार में वृद्धि होगी यह समय आपके लिए संघर्षपूर्ण रहेगा। उपाय के तौर पर प्रतिमाह 800 ग्राम चने की दाल मंदिर में दान दें। कन्या लग्न वालो के लिए कन्या लग्न वाले जातकों के लिए गुरु चतुर्थ व सप्तम भाव का स्वामी बनता है वह 12 सितंबर 2017 को तुला राशि में प्रवेश के दौरान गुरु आपकी कुंडली के दूसरे भाव से गोचर करेगा। जिसके प्रभाव से जमीन, # जायदाद से संबंधित कुछ आमदनी होने की संभावनाएं बन रही हैं इसके अलावा वाहन चलाते समय कुछ सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसके बाद 15 अक्टूबर 2017 को जब गुरु तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गोचर करेगा उस समय आय के नवीन स्रोतों में वृद्धि होगी तथा कार्य क्षेत्र में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा तथा पारिवारिक शांति बनी रहेगी। इसके पश्चात 17 दिसंबर 2017को जब गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में गुरु के ही नक्षत्र से में गोचर करेगा जिसके प्रभाव से आपको अपनी माता जी से धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं तथा अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखने की आवश्यकता है। तथा मकान या भूमि से कुछ लाभ होने की संभावनाएं है। उपाय के तौर पर प्रत्येक मंगलवार वाले दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। तुला लग्न व राशि वाले जातकों के लिए तुला लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति तीसरे व छठे भाव का स्वामी बनता है। 12 सितंबर 2017 को गुरु जब तुला राशि में प्रवेश करेगा तो वह आपकी कुंडली में प्रथम भाव से गोचर करेगा। तुला राशि में गुरु का प्रवेश आपके स्वास्थ्य की दृष्टि से कुछ ज्यादा बेहतर नहीं है अर्थात आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। अविवाहित लोगों के लिए विवाह_के_बेहतर योग बन रहे हैं। जब 15 अक्टूबर 2017को गुरु आपकी कुंडली मे तुला राशि में राहु के नक्षत्र में गोचर करेगा तब इसकेे प्रभाव से आपके कार्यक्षेत्र मे वृद्धि होगी कोई पार्ट टाइम कार्य भी आरंभ कर सकते हैं। तथा यात्राएं अधिक होंगी। इसके पश्चात जब 17 दिसंबर 2017 को गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में गुरु के ही नक्षत्र में गोचर करेगा जिसके प्रभाव से नौकरी में तरक्की के योग हैं तथा भाई बहनों से अच्छे संबंध स्थापित होंगे परंतु स्वास्थ्य की ओर थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी छोटी-मोटी यात्रा भी हो सकती हैं। उपाय के तौर पर प्रत्येक बृहस्पतिवार को 600 ग्राम चने की दाल मंदिर में दान दे। वृश्चिक लग्न व राशि वाले जातकों के लिए वृश्चिक लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति दूसरे और पांचवे भाव का स्वामी बनता है। 12 सितंबर 2017 को जब गुरु तुला राशि में प्रवेश करेगा तो यह आपकी कुंडली के बारहवें भाव में गोचर करेगा जिसके प्रभाव से आपके संचित धन में कमी आएगी। संतान पक्ष की ओर से कुछ परेशानी सामने आ सकती हैं विद्यार्थियों को इस समय अपनी पढ़ाई के लिए ज्यादा संघर्ष करने की आवश्यकता है। 15 अक्टूबर को 2017 को जब गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गोचर करेगा जिसके प्रभाव से यदि कहीं आपका पैसा फंसा हुआ है तो वह प्राप्त होने की संभावना है छोटी मोटी यात्राएं भी हो सकती हैं। पिता से धन_प्राप्ति के योग बन रहे हैं। 17 दिसंबर 2017 को जब गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में गुरु के ही नक्षत्र से गोचर करेगा इसके प्रभाव से व्यर्थ के खर्चों मे बढ़ोतरी होगी तथा संतान पक्ष की तरफ से कोई चिंता उत्पन्न हो सकती है। इस समय आपको अपने खान-पान से संबन्धित चीजों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है नहीं तो आपको अपने पेट से संबंधित कोई रोग होगी उत्पन्न हो सकता है। उपाय के तौर पर प्रत्येक शुक्रवार वाले दिन अपनी श्रद्धा अनुसार कपूर, दही, अगरबत्ती या इत्र का दान करें। धनु लग्न वाले जातकों के लिए धनु लग्न वाले जातकों के लिए सरस्वती प्रथम में चतुर्थ भाव के स्वामी बनते हैं तथा 12 सितंबर 2017 को जब गुरु तुला राशि में प्रवेश करेगा तो यह आपकी कुंडली के ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा जिसके किसी भी # प्रॉपर्टी_के_खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं इच्छाओं की पूर्ति होगी परन्तु नौकरी में कुछ परेशानियां भी आ सकती है। खर्चो में वृद्धि हो सकती है। जब 15 अक्टूबर 2017 को शुरु आपके कुंडली में तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गोचर करेगा इसके प्रभाव से आपकी माता के स्वास्थ्य मे कुछ विकार उत्पन्न हो सकता है। तथा आय के क्षेत्र में कुछ परेशानियां सामने आ सकती हैं। इसके पश्चात जब 17 दिसंबर 2017 को गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि मे गुरु के ही नक्षत्र से गोचर करेंगे इसके प्रभाव से घर में सुख शांति का माहौल बना रहेगा तथा इच्छाओं की पूर्ति होगी आय के नवीन स्रोत विकसित होंगे। उपाय के तौर पर प्रत्येक मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। मकर लग्न या राशि वाले जातक मकर लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति तीसरे व बारहवें भाव के स्वामी बनते हैं वह 12 सितंबर 2017 को जब गुरु तुला राशि मे प्रवेश करेगा तब आपकी कुंडली मे दशम भाव में गोचर करेगा। जिसके प्रभाव से आपको अपनी नौकरी या व्यवसाय के कारण कुछ छोटी या बड़ी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। जिनका आपको लाभ प्राप्त होगा। निवास स्थान में परिवर्तन के योग भी बन रहे हैं। इसके पश्चात 15 अक्टूबर 2017 को जब गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में राहु के नक्षत्र से गोचर करेगा इसके प्रभाव से नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। परंतु आपकी अपने जीवन साथी के साथ कुछ अनबन हो सकती है इसलिए आपको अपनी वाणी पर संयम रखने की आवश्यकता है। इसके पश्चात 17 दिसंबर 2017 को जब गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि मेंं गुरु के ही नक्षत्र से गोचर करेगा जिसके प्रभाव से आपको अपने व्यवसाय में कड़े परीश्रम की आवश्यकता है तथा आपको अपने भाइयों से सहयोग प्राप्त होगा एवं खर्चों में बढ़ोतरी होगी। उपाय के तौर पर प्रतिदिन अपने नाभि, जुबान व माथे पर केसर का तिलक अवश्य लगाएं। कुंभ लग्न या राशि वाले जातकों के लिए कुंभ लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति ग्रह ग्यारहवे और दूसरे भाव का स्वामी बनता है तथा 12 सितंबर 2017 को जब गुरु तुला राशि में प्रवेश करेगा तो यह आपकी कुंडली में नवम भाव में गोचर करेगा इसके प्रभाव से आपके कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी अपने पिता के साथ मिलकर कोई नवीन कार्य प्रारंभ कर सकते हैं तथा मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति के शुभ योग बन रहे हैं। 15 अक्टूबर 2017 को जब गुरु तुला राशि में राहु के नक्षत्र में गोचर करेगा इसके प्रभाव से यदि आप नौकरी पेशा व्यक्ति हैं तो आपकी नौकरी मे परिवर्तन के योग बन रहे हैं परन्तु जल्दबाजी ना करें नहीं तो नौकरी मे कुछ परेशानी उत्पन्न हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए यह समय किसी भी प्रकार की परीक्षा या प्रतियोगिताओं के लिए उत्तम है 17 दिसंबर 2017 को जब गुरु तुला राशि में गुरु के नक्षत्र से गोचर करेगा जिसके प्रभाव से संचित धन में वृद्धि होगी आय के नवीन_स्रोत विकसित होंगे तथा पिता के साथ तालमेल अच्छा बना रहेगा। उपाय के तौर पर बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए रोजाना पक्षियों को दो मुट्ठी सतनाजा डालें। मीन लग्न वाले जातकों के लिए मीन लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति पहले व दशम भाव का स्वामी बनता है। 12 सितंबर 2017 को जब गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में प्रवेश करेंगे यह आपके कुंडली के आठवें भाव में गोचर करेगा इसके प्रभाव से जातक को अपने कार्य क्षेत्र में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। और आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है। 15 अक्टूबर 2017 को जब गुरु आपकी कुंडली में तुला राशि में राहु के नक्षत्र में गोचर करेगा। इसके प्रभाव से जातक का ध्यान गुप्त विद्याओं की ओर जैसे ध्यान केंद्रित करने की ओर आकर्षित हो सकता है। 17 दिसंबर 2017 को जब गुरु आपकी कुंडली में गुरु के ही नक्षत्र में गोचर करेगा। इसके प्रभाव से जातक को किसी भी प्रकार का विकार उत्पन्न होने की संभावना है। जातक को इस समय बुरी संगत के लोगों से बचने की आवश्यकता है। उपाय के तौर पर प्रत्येक शुक्रवार वाले दिन अपनी श्रद्धा अनुसार कपूर, दही, अगरबत्ती या इत्र का दान करें।
Subscribe for latest offers & updates
We hate spam too.
