
लाल किताब में आठवें घर के बुध का बहुत बुरा माना है...
लाल किताब में आठवें घर के बुध का बहुत बुरा माना है। इस आठवें घर को नीच बताया है। इस कारण मंगल ऋण के ग्रह बन जाते है। इसके फलस्वरूप जातक जीवन भर कठिन मेहनत तो जरूर करता है, बीमारी भी सदैव बनी रहती है, बावजूद इसके जातक का जीवन तंगहाली में ही व्ययतीत होता है। 32-34 वर्ष की आयु में तो की आदमनी ही आधी रह जाती है। आठवें घर का बुध जातक को गुप्त रूप से बर्बाद करके रख देता है। यह आपके धन को घुन की तरह नष्ट करता है। अगर ऐसा में दूसरा घर भी खाली हो तो यह और भी अधिक हानि देता है। आठवें घर का बुध दो विवाह की संभावना भी जगाता है। ऐसे में अगर राहु भी मंदा हो तो जातक को जेल तक जाना पड़ सकता है या फिर घर से भागने अथवा अनायास अस्पताल में भरती होना पड़ता है। बुध आठ के समय यदि सूर्य, मगल, बृहस्पति में से कोई ग्रह भी साथ बैठे या मंगल बारहवें घर में, बुध हो तो बुध आठ का प्रभाव कम होता है तब बुध जातक को गुप्त विद्याएं भी प्रदान करने में मदद करता है। ऐसे में अगर जातक की ससुराल में खराबी हो तो जातक को अपने घर की सीढ़िया तुड़वाकर नई बना लेनी चाहिए। इससे आपका शीघ्र ही आपका नया मकान बन जात है जातक अपना पूजा स्थल बदल लेना चाहिए। ऐसे में जातक की बहन, बुआ, मासी, साली या पुत्री भी दुखिया रहती है। ऐसे में जातक को हिजड़ों के श्वेत रंग के वस्त्र और काली जुराबें दान करनी चाहिए। शमशान के नजदीक रहने वाली नौ कन्याओं को लाल रंग की चूड़ियां देनी चाहिए। मिट्टी के बर्तन में मशरूम भरकर मन्दिर में चढ़नी चाहिए। नाक छेदन करवाकर चांदी डालनी चाहिए। 43 दिन तक पीला कपड़ा नदी या दरिया में धोकर सुखाना चाहिए।
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