
राहु और चन्द्रमा की युति के कारण इंसान अपने मन के ...
राहु और चन्द्रमा की युति के कारण इंसान अपने मन के भाव दूसरे के आगे कम प्रगट करते है, अपनी बात अपने अंदर ही छुपाये रखते है, यह सिर्फ उसके साथ ही आपने विचार सांझा करते है जिसके साथ आपने आपको सहज महसूस करते है । स्वतंत्र व्यापार करने में असमर्थ होते हैं यदि व्यापार करे तो भी सफलता प्राप्त नहीं करते हैं, व्यापार में संकटों का उपाय नहीं कर पाते हैं, यदि कोई इन्हें नौकरी करने की सलाह दे तो इन्हें पसंद नहीं होती है, एकान्त वातावरण में रहना पसन्द करते हैं।कुंडली में राहु और चंद्र किसी भी भाव में एक साथ हो तो हमेशा चिंता के योग बनाते हैं। राहु के साथ चंद्र होने से किसी न किसी प्रकार की चिंता लगी रहती है। पुरुषों को बीमारी या काम-काज की चिंता रहती है और महिलाओं को अपनी सास या ससुराल से संबंधित चिंता रहती है। राहु एक भ्रम का कारक है और चंद्र मन का कारक है, इनकी युति से मानसिक तनाव पैदा होता है, यह स्थिति कई बार ऐसे भ्रम पैदा कर देती है जिसका वास्तव में कोई असितत्व होता ही नहीं ।
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