
पति-पत्नी का रिश्ता मधुर नहीं होता तो घर में बहुत ...
पति-पत्नी का रिश्ता मधुर नहीं होता तो घर में बहुत सारी समस्याएं आ जाती है। इसके पीछे अनेक कारण हो सकते हैं लेकिन इन रिश्तों में मधुरता के पीछे ग्रह का ठीक होना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए आज जानते हैं कौन से ग्रह पैदा करते हैं पति-पत्नी के बीच दरार। क्लेश बढ़ने का कारण – कुंडली में अग्नि तत्व की मात्रा ज्यादा होने पर। शुक्र या बृहस्पति के कमजोर होने पर। मजबूत मंगल दोष होने पर। अष्टम भाव में पाप ग्रह होने पर। बेडरूम का रंग ठीक नहीं होने पर। ईशान कोण में गड़बड़ी होने पर। मूलांक 1, 4, 5 या 8 होने पर। उपाय- 1. घर में जंगली या हिंसक पशु-पक्षियों के चित्र ना लगाएं। 2. बेडरूम में हथियार, नुकीली चीजें या खाने की वस्तुएं ना रखें। 3. बेडरूम में देवी-देवताओं के चित्र ना लगाएं। 4. घर में झाडू और चाकू को छिपाकर रखें। 5. पति-पत्नी का चित्र दक्षिणी दीवार पर ना लगाएं। 6. पति को शुक्र के वैदिक मंत्र का जाप करना चाहिए और पत्नी को बृहस्पति के मंत्र का जाप करना चाहिए। 7. बेडरूम में गुलाबी, धानी या सफेद रंग का प्रयोग करें। बहते हुए जल का चित्र लगाना उत्तम होगा। 8. पति-पत्नी का चित्र पूर्व या उत्तर की दीवार पर लगाएं। 9. घर के बीच में तुलसी का पौधा लगाएं। 10. घर में शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें।वैवाहिक जीवन के शत्रु ग्रह शनि – अगर शनि का संबंध विवाह भाव या उसके ग्रह से हो तो विवाह भंग होता है। शनि विवाह भंग करने का कारण होता है तो इसके पीछे घर के लोग जिम्मेदार माने जाते हैं। शनि की वजह से पति-पत्नी के संबंधों में दूरियां बन जाती है। अगर शनि की वजह से समस्या आ रही हो तो शिव जी को रोज सुबह जल चढ़ाएं। साथ ही शनिवार को लोहे के बर्तन में भरकर सरसों के तेल का दान करें। मंगल – वैवाहिक जीवन में हिंसा हो रही हो तो इसके पीछे मंगल होता है। अगर मामला हिंसा तक पहुंच गया है तो इसके पीछे मगंल होता है। सूर्य – इसके दुष्प्रभाव हो तो जीवनसाथी का करियर बाधा देता है। कई बार अंहकार के कारण आपसी संबंध खराब हो जाते हैं। यहां पर बहुत सोच समझकर शांतिपूरण तरीके से विवाह भंग होता है। हालांकि शादी के काफी समय बाद विवाह विच्छेद होता है। रोज सुबह सूर्य को रोली मिला हुआ जल अर्पित करें। एक तांबे का छल्ला जरूर धारण करें। गुलाबी रंग के कपड़े धारण करना शुभ माना जाता है।
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