
*अंग फड़कना* *चेहरे के अंगों के फड़कने का फल-* सिर...

*अंग फड़कना* *चेहरे के अंगों के फड़कने का फल-* सिर के फड़कने पर जमीन-जायदाद में वृद्धि होती है। यदि किसी का ललाट फड़कने लगे तो उसे स्थान की वृद्धि होगी। नेत्रों के समीप स्फुरण होने पर धन प्राप्ति की संभावना होती है। दाईं पलकों के फड़कने पर युद्ध में विजय और लक्ष्य की प्राप्ति संभव है। आंत का फड़कना, धन प्राप्ति की ओर संकेत करता है। नाक का फड़कना प्रियजनों से मिलन का कारक है। यदि निचले होंठों में स्फुरण हो तो संतान सुख की प्राप्तितो होती है। गले का फड़कना, भोग लाभ का संकेतक है। शरीर के अंगो के फड़कने का राज दोनों कंधे फड़कने लगें तो यह भोग की वृद्धि (किसी चीज की चाह का बढ़ना) के संकेत हैं। हाथ का फड़कना, धन की प्राप्ति का संकेतक है। पीठ का फड़कना, युद्ध में पराजय का चेतक है। छाती का फड़कना पूर्व में ही विजय प्राप्ति का संकेत देता है। दोनों पैरों का फड़कने पर उत्तम स्थान की प्राप्ति होती है। किंतु ध्यान रखें ’स्त्रियों के लिए सभी फलादेश विपरीत होंगे।’ आंखों का फड़कना माना जाता है कि दाईं आंख का फड़कना पुरुषों के लिए शुभ तथा बाईं आंख का फड़कना स्त्रियों के लिए शुभ संकेत देता है। यदि दांयी आंख की ऊपरी पलक और भौंवें फड़कती हैं तो समझ लीजिए कि आपके मन की इच्छाएं पूरी होने वाली हैं। पदोन्नति तथा धन के संकेत हैं। परंतु दांयी आंख के नीचे के हिस्से का फड़कना किसी अशुभ घटना का संकेत देता है। यदि बांयी आंख की पलक और भौंवें फड़कती है तो दुश्मन से लड़ाई की संभावना है तथा दुश्मनी बढ़ सकती है। परंतु बांयी आंख के नीचे के हिस्से के फड़कने पर किसी से कहासुनी हो सकती है तथा उसके सामने लज्जित होना पड़ सकता है। महिलाओं के लिए बाईं आंख फड़कना एक शुभ संकेत होता है।
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