
*कोर्ट कचहरी मुकदमा शत्रु बाधा वशीकरण के लिए चमत्क...

*कोर्ट कचहरी मुकदमा शत्रु बाधा वशीकरण के लिए चमत्कारिक हत्था जोड़ी उपाय ...* हत्था जोड़ी - कैसे करें इसका उपयोग- तंत्र शास्त्र में, कोर्ट कचहरी मुकदमा शत्रु - बाधा से मुक्ति आदि के निवारण में तथा वशीकरण आदि में चमत्कारी- सियार सिंगी. गीदड़ सिंगी और हत्था जोड़ी ... ज्योतिषीय उपायों में इस जड़ का विशेष महत्व है। हत्था जोड़ी इंसान की भुजाओं के आकार की होती है। इसमें दो पंजे दिखाई देते हैं और उंगलियां भी साफ-साफ दिखाई देती हैं। पंजों की आकृति ठीक इसी प्रकार होती है, जैसे मुट्ठी बंधी हुई हो। यह पौधा विशेष रूप से मध्यप्रदेश के वन क्षेत्रों में पाया जाता है। आमतौर वनवासी लोग इस जड़ को निकालकर बेचते हैं। नेपाल में इसे स्थानीय लोग विरूपा या विरुपात और भारत में बिरवा नाम से पहचानते है। ये अति दुर्लभ वनस्पति है और भारत में मध्य प्रदेश के अमरकंटक, झारखण्ड के नेपाल के सीमावर्ती जंगलों में, उत्तराखंड में स्वर्ग की सीढ़ी के पास के जंगलों में और नेपाल में कई स्थानों पर पाई जाती है। तंत्र शास्त्र में चमत्कारी हत्था जोड़ी : तंत्र शास्त्र में यह चमत्कारी साबित हुई है इसका प्रयोग प्रायः कोर्ट कचहरी , मुकदमा , शत्रु - बाधा से मुक्ति आदि के निवारण में तथा वशीकरण आदि में प्रयोग किया जाता है… हत्था जोड़ी में अद्भुत प्रभाव निहित रहता है, यह साक्षात चामुंडा देवी का प्रतिरूप है. यह जिसके पास भी होगा वह अद्भुत रुप से प्रभावशाली होगा. सम्मोहन, वशीकरण, अनुकूलन, सुरक्षा में अत्यंत गुणकारी होता है.. हत्था जोड़ी पूजा विधि - इस विधि से करें सिद्ध : जब आपको हत्था जोड़ी मिले, तो उसे निकाल कर एक साफ़ कटोरी में रख कर उसमे इतना तिल का तेल डालें की हत्था जोड़ी पूरी भीग जाये, और अगर तेल कम हो जाये तो फिर से तेल डालें, ऐसा करने से हत्था जोड़ी तेल सोखती है. कुछ दिन के अंतराल के उपरान्त हत्थाजोड़ी वाले पात्र का निरीक्षण करते रहे ! हत्थाजोड़ी जब तेल सोखना बंद कर दे तो उसे निकाल लें, या इसे तब तक उसी कटोरी में रखे, जब तक प्रयोग न करना हो. और जिस दिन इसका प्रयोग करना हो (प्रायः शुक्ल पक्ष में मंगलवार / शुक्रवार/ शनिवार से प्रारम्भ करना चाहिए) इसको तेल से निकाल कर इसके ऊपर सिन्दूर लगाए और बचा तेल पीपल के वृक्ष पर अर्पित कर दे, अगर तिल का तेल न हो तो आप सरसो का तेल भी प्रयोग कर सकते है | इसके बाद, एक चांदी की डिबिया लेकर उसमे सिन्दूर भरकर हत्था जोड़ी को उसमे रख दे और डिबिया को बंद करके जहा रखना चाहते है रख सकते है | प्रातः काल स्नान ध्यान से निवृत्त होकर अपने घर के मंदिर के समीप गंगा जल या गौ मूत्र से स्थान शुद्धि कर ले और उत्तर या पूर्व की दिशा की तरफ मुख करके सफ़ेद ऊनी या सूती आसन पर बैठे एक लकड़ी के ऊपर लाल वस्त्र रख कर हत्था जोड़ी की डिब्बी खोलकर इसपर रखे | तथा : 1. यदि धन के लिए पूजा करना चाहते है तो माता लक्ष्मी, अगर दांपत्य जीवन के लिए चाहते है तो माँ कामाख्या और अगर शिक्षा के लिए चाहते है तो माता सरस्वती को ध्यान में रख कर दिए गए मंत्रो में से उस मंत्र का उच्चारण 108 बार करे. इसके उपरान्त चाँदी की डिब्बी में इलायची तथा तुलसी के पत्तों के साथ. सिंदूर भरकर उसमें रखे ! हत्था जोड़ी मंत्र : हत्था जोड़ी मंत्र - अगर आप दांपत्य जीवन के लिए इसका प्रयोग कर रहे हो : ॐ हाँ ग़ जू सः अमुक में वश्य वश्य स्वाहा | 2. हत्था जोड़ी मंत्र - अगर आप धन और व्यापार के लिए इसका प्रयोग कर रहे हो : ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री महालक्ष्मयै नमः | 3. हत्था जोड़ी मंत्र - अगर आप शिक्षा और नौकरी के लिए इसका प्रयोग कर रहे हो : ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सरस्वतये नमः | 4. मेहनत और लगन से काम करके धनोपार्जन करते हैं फिर भी आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो आपको अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उपाय करना चाहिए। इसे लाल रंग के कपड़े में बांधकर घर में किसी सुरक्षित स्थान में अथवा तिजोरी में रख दें। इससे आय में वृद्घि होगी एवं धन का व्यय कम होगा। 5. हत्था जोड़ी की उपयोगिता : -चिंता से मुक्ति के लिए -लाईलाज बीमारी के उपचार में -लक्ष्मी प्राप्ति हेतु -मानसिक शांति हेतु -भाग्योदय हेतु -कार्य पूर्ति हेतु इलायची तथा तुलसी के पत्तों के साथ एक चांदी की डिब्बी में रख दें। इससे धन लाभ होता है। सियार सिंघी/सिंगी /गीदड़ सिंगी और हत्था जोड़ी : बहुत लोगों का यह मानना है, कि दोनों को एकसाथ रखने से बहुत अधिक लाभ मिलता है. नोट : 1. हमें ऐसी जानकारी कुछ लोगों ने दी है, कि 'सियार-सिंघी' और 'हत्था-जोड़ी' रखने पर कानूनी तौर पर प्रतिबन्ध है. 2. इन (हत्था जोड़ी और सियार सिंगी) के लाभ और उपयोग के बारे में जानकारियां हमने इंटरनेट के कई लिंक्स से निकली हैं, हमारी अपनी नहीं हैं. हम इनके चमत्कारी प्रभावों के बारे में अपनी ओर से कुछ नहीं कह सकते और भी बहुत सारे प्रयोग विधि है हमारे ज्योतिष शास्त्र में यदि आप भी अपने जीवन में कुछ करना चाहते हैं कुछ पाना चाहते हैं तो संपर्क करें और खास विधि प्रयोग करके अनेको लाभ प्राप्त करें..
Keywords
Subscribe for latest offers & updates
We hate spam too.
