
*वास्तुशास्त्र का प्रभाव और दुष्प्रभाव* कुछ लोग ...

*वास्तुशास्त्र का प्रभाव और दुष्प्रभाव* कुछ लोग वास्तु दोषों को मिटाने के लिए अपने घर पर वास्तुपूजन करतें हैं तो कुछ लोग इसे फालतू के कर्म - कांड कहकर इसकी निंदा करते हैं. कुछ विद्वानों का मानना हैं की वास्तुपूजन से घर के वास्तु दोष नहीं मिटते. तो वहीं यह भी सच हैं की बिना पूजन किये घर में रहने से वास्तु दोष का प्रभाव हम पर पड़ता हैं. इस दोष से बचने के लिए ही हम किसी भी घर में निवास करने से पहले घर पर वास्तुपूजन कराते हैं. वास्तुपूजन करने से घर की भूमि पवित्र हो जाती हैं तथा इससे हमारे घर में हमेशा शांति बनी रहती हैं. इसलिए प्रत्येक घर या भवन में हमें वास्तुपूजन अवश्यक करना चाहिए. घर में शांति बनाए रखने के लिए ही कुछ व्यक्ति घर में प्रवेश करने से पहले घर में सुंदरकांड का पाठ कराते हैं. शास्त्रों के अनुसार घर में प्रवेश करने से पहले सुंदरकांड कराना तथा उसके बाद में अपने इष्ट की पूजा – पाठ करना बहुत ही उत्तम होता हैं. इससे हमारे घर का वास्तु दोष मिट जाता हैं. घर के वास्तु दोषों को मिटाने के लिए कुछ लोग फेंगशुई के उपकरणों जैसे – चीनी सिक्के, सुनहरी मछलियों का छोटा घर, लाफिंग बुद्धा, ड्रैगन का जोड़ा तथा कछुऐ आदि का भी प्रयोग करते हैं. फेंगशुई के उपकरणों को घर के लिए बहुत ही फायदेमंद भी माना जाता हैं. फेंगशुई के सिद्धांतों और भारतीय वास्तु शास्त्र में समानता पाई जाती हैं. लेकिन कई मामलों में ये भारतीय वास्तुशास्त्र से विपरीत भी दिखाई देते हैं. इसलिए हमें भारतीय वास्तु शास्त्र को ही आधार मानकर घर का निर्माण या भूमि की जाँच करवानी चाहिए. कुछ व्यक्ति किराए के घर में रहते हैं और उनका मानना होता हैं की जब यह उनका मूल निवास स्थान हैं ही नहीं तो उन पर वास्तु दोष का प्रभाव क्यूँ पड़ेगा. ऐसे लोगों के लिए यह समझना बहुत ही आवश्यक हैं कि वास्तु शास्त्र मकान मालिक या किरायदार में कोई भेद नहीं करता तथा वास्तु दोष का प्रभाव जो घर का उपयोग करेगा, उस पर ही वास्तु दोष का नकारात्मक और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. वास्तु का प्रभाव केवल घर में रहने वाले किरायदारों पर ही नहीं पड़ता, बल्कि जो व्यक्ति फैक्ट्री, दुकान तथा कार्यालय किराय पर लेकर चलाते हैं और उसका उपयोग करते हैं, उन पर इसका समान प्रभाव पड़ेगा. हाँ यह अलग बात हैं कि हम अपना अधिकतर समय घर में ही व्यतीत करते हैं तो घर पर वास्तुशास्त्र का प्रभाव सबसे अधिक होता हैं. वास्तु शास्त्रियों के अनुसार पड़ोसियों के घर का भी वास्तु प्रभाव हम पर पड़ता हैं.
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