
✡ज्योतिष वास्तु संस्कार✡ ग्रुप की सादर भेंट...
✡ज्योतिष वास्तु संस्कार✡ ग्रुप की सादर भेंट Shiv Shakti jyotish 9425964795🕉🕉🕎🕉🕉indore क्या होता हैं तांत्रिक प्रयोग आज का विषय क्या होता हैं उच्चाटन ➰〰➰〰➰〰➰ दोस्तो, नमस्कार , मैं हंस जैन खण्डवा मध्प्रदेश से आज आपके लिये तंत्र विद्या की एक और जानकारी लाया हूं । वैसे मैं कोई तांत्रिक नही हूं, न ही तान्त्रिक क्रिया करता हूं । पर समस्या आने पर उसका उपचार जरूरी होता हैं इसलिये हर विषय की जानकारी जीवन मैं आबश्यक होती है, इसलिये अवगत करा रहा हूं। जिंदगी मैं कई प्रकार की समस्या होती है, कुछ समस्याओं के हल हम आसपास , दोस्तो आदि की सलाह से प्राप्त कर लेते । पर कई समस्या ऐसी भी होती है जिनका हल हर मुश्किल मैं नही निकल पाता । कई इंसान इस तरह के होते हैं जो सबके लिये कुछ न कुछ सेवा करते रहते हैं, सबके लिये समर्पित रहते हैं । पर जब उनका समय आता हैं तो कोई उनका साथ नही देता । खैर तन्त्र विद्या ईश्वर ने हमे हमारी बुराई और अपने और अपनों के जीवन मे आने वाली बाधाओं को दूर करने हेतु बनाई या मार्गदर्शित की है।लेकिन हम आप या कुछ अज्ञानी तांत्रिक इनका प्रयोग गलत रूप मैं करते हैं । दरअसल तन्त्र एक ऐसी विधा है जिसके सही प्रयोग और सही मार्गदर्शन से हम कम समय मैं अधिक उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। पर उसके लिये उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता जरूरी है । जैसे आपको कोई समस्या आती है, या आपके जीवन मैं कोई ग्रहदशा खराब आई है तो सामान्य रूप से एक ज्योतिष आपको कुछ वस्तु दान देने हेतु निर्देशित करता है, लेकिन उसने शायद ये नही बताया कि किस वस्तु का दान कब करना, और किसको दान करना, किस समय दान करना। वैसे दान का कोई समय नही होता , पर किसी विशेष ग्रह की शांति हेतु विशेष समय होता हैं । जैसे आपको सूर्य देव को जल से अर्घ्य देना तो शाम 4 बजे थोड़े ही दोगे । एक समय सुबह का निर्धारित है । चलिये उच्चाटन के बारे में समझाता हूं । पहले सकारात्मक पहलू की बात करता हूं । उच्चाटन का मतलब किसी इंसान को उस जगह से उच्चाटीत करना या हटाना जो उसकी नही हो या उस जगह वो जबरन कब्जा किया बैठा हो, या उसकी आसक्ति उस जगह हो गयी हो। कोई ऐसे सम्बन्ध का इच्छुक हो जिससे पारिवारिक मान-मर्यादा , सस्कार का उल्लंघन हो रहा हो , , कोई किसी पर अनावश्यक आसक्त हो , कोई किसी को अकारण परेशान कर रहा हो , किसी से किसी की दुरी बनाने की आवश्यकता हो , किसी का मन किसी के प्रति उचाटना हो , , किसी पर किसी बाहरी हवा आदि का प्रभाव हो उसे उचाटना हो , बुरे ग्रहों के प्रभाव का उच्चाटन करना हो , ग्रह प्रतिकूलता का उच्चाटन करना हो , दरिद्रता -अशांति-कलह का उच्चाटन करना हो , हटाना हो , , किसी ने किसी की संपत्ति पर कब्जा कर रखा हो और न हट रहा हो , उसका मन उस संपत्ति से उच्चाटित करना हो , आदि आदि समस्याए हो तो उच्चाटन का प्रयोग बेहद लाभदायक हो सकता है | अब इसका जो नकारात्मक पहलू ये हैं कि कभी आपने ये देखा होगा कि एक व्यापारी की दुकान बहूत अच्छी चल रही, दिन रात मेहनत करके जीवन की ऊँचाई हासिल की , कोई उसकी तरक्की से जल रहा या उस दुकान को खरीदना चाहता व्यापारी नही बेचना चाहता। अचानक कुछ दिनों से उस व्यापारी का मन दुकान जाने का नही करे, या जब भी वो दुकान पर जाए, तो अजीब सा महसूस करे, थकान सी आये, घबराहट सी होने लगे, मन बैचेन होने लगे, और परिणाम कुछ दिनों बाद दुकान बंद करना पड़े । आमभाषा मैं हम ये समझेंगे की तबीयत खराब होने की वजह से ये समस्या आ रही है, लेकिन किसी तांत्रिक ने दुकान के बाहर उच्चाटन प्रयोग कर आपकी दुकान से आपको बेदखल करने की पूरी तैयारी कर ली है। इस प्रयोग के बाद आपसे आपकी करोडो की दुकान चंद लाख रूपयो मैं कोई खरीद लेता है । एक और उदाहरण आपका एक मौके की जगह प्लाट हैं, हर कोई मुँहमाँगा कीमत पर खरीदने हेतु तैयार हैं, पर आपने उस जगह मकान बना लिया, परिवार सहित शिफ्ट हो गए। लेकिन कुछ समय बाद उस घर मे रहने पर सभी विचलित हो गए, अजीब से ख्याल, मन नही लगता, रात को सो नही पा रहे, घर आते ही भाग जाने या बाहर जाने का मन होता । जब तक आप बाहर रहते खुश रहते पर घर मैं प्रवेश करते ही चिड़चिड़े हो जाते । आखिर उस मकान को प्लाट की कीमत से भी कम कीमत मैं बेच कर चले जाते । कई लोग इस विद्या के शिकार हुए हैं । इस विद्या मैं भी आपके घर मैं अभिमंत्रित करके कोई ऐसी वस्तु फेंक दी जाती है जिसके बाद घर से आपका उच्चाटन या यूं कहिये की मोह भंग हो जाता हैं । क्या करे जब ऐसी स्थिति हो? क्या उच्चाटन से बचा जा सकता । कल जानते हैं । आज का उपाय 🔯🔯✡🔯🔯✡🔯 जब आपको घर मैं नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश लगे, या घर मैं आते ही घर के सदस्य चिड़चिड़ापन करे तो ऐसी स्थिति मे घर से नेगेटिव शक्ति को हटाने के लिये नल के आम पानी मैं 2 बून्द किसी पवित्र नदी का जल , 2 बून्द गौ मित्र मिलाकर एक कटोरी मे भर लें और इसे 3 से 4 घंटे तक इससे सूरज की रोशनी में पड़ा रहने दें तब भी ये पानी चार्ज होकर शुद्धिकरण के लिए तैयार है कटोरी को हाथ में लेकर ईश्वर से प्रार्थना करते हुये घर की नकारात्मक वायु का अंत हो ऐसा सोचे तथा शुद्धिकरण के लिए ताज़ा आम या अशोक पत्तियों से आप सारे घर में इस जल के छींटे दे। इस प्रयोग को लगातार 1 सप्तहा तक करे , फिर सप्तहा मैं एक बार और खास तौर पर हर माह की संक्राति पर जो प्रतिमाह 14 से 16 तारीख़ के बीच आती है अवश्य करें ।
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