
*☆ मंगल + राहु = विश्वासघात* •• जिसका सूर्य, गुरु...
*☆ मंगल + राहु = विश्वासघात* •• जिसका सूर्य, गुरु बृहस्पति और शनि निर्बल हो - उसकी आत्मा, विवेक और विश्वास निर्बल हो जाते है । ऐसे में मंगल और राहु प्रभावशाली हो जाये तो व्यक्ति विश्वासघाती हो जायेगा । •• विश्वासघात जैसा कोई पाप नही - विश्वास घात करने वाला जानता है कि - इसका प्रायश्चित नही हो सकता । यहाँ राहु से प्रभावी व्यक्ति निर्दयी होकर मीठी बातों से विश्वास जीतता है विश्वासघात जैसा कोई धोखा नही - विश्वासघात करने वाला जानता है कि - ये एक बार ही हो सकेगा । यहाँ मंगल और राहु मिलकर धोखे की खिचड़ी पकाते हैं । राहु - अतिरिक्त बुद्धी का उपयोग करता है और मंगल - पराक्रम का उपयोग करता है । विश्वासघात जैसा कोई घाव नही होता - जिससे ये विश्वासघात किया जाता है - उसका ये घाव अश्वत्थामा के घाव की तरह रिसता रहता है । यहाँ पर मंगल से प्रभावी व्यक्ति प्रकट रूप में पथभ्रष्ट हन्ता की तरह काम करता है । आगे आकर धोखा देता है । मंगल - चोरी, चुगलखोरी, धोखा और विश्वास तोड़ सकता है और राहु इसके लिये राह आसान बनाता है । क्योंकि - राहु कूटनीतिक, जुआरी, अधिकार हथियाने में माहिर और बे-रहम होता है ।
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