
.विषकन्या योग महिलाओं में विषकन्या योग एक ऐसा श्र...
.विषकन्या योग महिलाओं में विषकन्या योग एक ऐसा श्रापित योग होता है, जंहा यह रहती हैं, उस घर/संबधों/माहौल तहस नहस हो जाता है। विवाह से पहले पिता के घर और विवाह के बाद पति के घर को। किसी महिला की जन्म कुंडली में विषकन्या योग आप ऐसे देख सकते हैं। विशेष तिथि, नक्षत्र और वार के संयोग पर पड़े तो उस समय पर जन्मी कन्या विषकन्या कहलाती है ! 1. आश्लेषा या शतभिषा नक्षत्र + रविवार + द्वितीया तिथि 2. कृतिका, विशाखा या शतभिषा नक्षत्र + रविवार + द्वादशी तिथि 3. आश्लेषा, विशाखा या शतभिषा नक्षत्र + मंगलवार + सप्तमी तिथि 4. आश्लेषा नक्षत्र + शनिवार + द्वितीया तिथि 5. शतभिषा नक्षत्र + मंगलवार + द्वादशी तिथि 6. कृतिका नक्षत्र + शनिवार + सप्तमी या द्वादशी तिथि इस योग में पैदा हुई बालिका के शुभ जीवन के लिए शांति करनी चाहिए* कॉपी
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