
*भारतीय नववर्ष* भारतीय नववर्ष *चैत्र शुक्ल प्रतिपद...

*भारतीय नववर्ष* भारतीय नववर्ष *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा* से प्रारम्भ होता है। इसी दिन *ब्रम्हा ने सृष्टि सृजन* किया था तो *भगवान श्रीराम व विक्रमादित्य* का राज्यारोहण हुआ था। *महर्षि गौतम, झूलेलाल, दयानंद, हेडगेवार* का जन्मदिन भी है। नवरात्रा का *स्थापना* दिवस तो बसन्तॠतु का *प्रथमदिन* भी है। विक्रम संवत *विश्व का एक मात्र संवत* है जिसमें *ग्रह, राशि व नक्षत्रों की गति, सापेक्षिय स्थिति व विकरणीय प्रभाव* का पूर्ण वैज्ञानिक समायोजन है। सूर्य पृथ्वी का *जनक* है तो चन्द्रमा इसकी *सन्तान।* पृथ्वी को ये *सर्वाधिक प्रभावित* करते हैं। *नौग्रह, बारहराशि व सताईस नक्षत्रों* का तिथि, वार व माह के नामकरण व पंचागीय गणना में *श्रेष्ठ समायोजन* किया गया है। *चन्द्र कलाओं* के आधार पर तिथि निर्धारित की गई है तो *सात वास्तविक ग्रहों* के नाम पर सात वार। *बारह राशि* के आधार पर बारह माह। पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा जिस *नक्षत्र* में होता है वही माह का *नाम निर्धारित* किया गया है। राहु व केतु *छाया ग्रह* हैं। जातक पर इनके *विकिरणीय प्रभाव का कुण्डली निर्धारण व जन्मपत्री निर्माण* में पूरा ध्यान रखा जाता है। भारतीय पंचांग *सर्वाधिक प्राचीन, पूर्णतः वैज्ञानिक व सम्पूर्ण है।* दुर्भाग्य यह कि हम हमारी *वैभवशाली विरासत का विकास व विस्तार कर सर्वस्वीकार्य* बनाने के सतत सार्थक प्रयास की बनिस्पत केवल एकदिन *वरषी मनाकर विवाद विस्तारित* कर वर्ष पर्यन्त *दङबे में दुबककर* सौ जाते हैं।
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