
निर्बल या अस्त ग्रह की पहचान करते समय ग्रह का सूर...
निर्बल या अस्त ग्रह की पहचान करते समय ग्रह का सूर्य से अंतर भी देखा जाता । कुछ अंतर में सूर्य से नज़दीक के ग्रह अस्त के माने जाते हो निर्बल हो जाते हैं या अपना पूरा प्रभाव नहीं दे पाते । कौन से ग्रह सूर्य से कितने अंतर पर अस्त का माना जाता ये हम आप को बताने जा रहे हैं । कोई भी ग्रह जब सूर्य से एक निश्चित दूरी के अंदर आ जाता है तो सूर्य के तेज से वह ग्रह अपनी आभा तथा शक्ति ख देता है । ग्रह सूर्य से जितना नज़दीक उतना उसका बल काम माना जाता है और उस ग्रह को अस्त का ग्रह मन जाता है । प्रत्येक ग्रह की अंशात्मक अस्त ता सूर्य से दूरी कितने अंश इस बात से सुनिश्चित किया जाता है । प्रत्येक ग्रह सूर्य से निम्नलिखित दूरी के अंतर पर अस्त हो जाता है : चन्द्रमा सूर्य के दोनों ओर 12° डिग्री या इससे अधिक समीप आने पर अस्त माना जाता हैं। मंगल सूर्य से 7° या उस से कम अंतर पर अस्त का माना जाता है । बुध सूर्य के दोनों ओर 14° डिग्री या इससे अधिक समीप आने पर अस्त माना जाता हैं। किन्तु वक्री बुध सूर्य के दोनों ओर 12 डिग्री या इससे अधिक समीप आने पर अस्त माना जाएगा । गुरू सूर्य के दोनों ओर 11° डिग्री या इससे अधिक समीप आने पर अस्त माना जाता हैं। शुक्र सूर्य के दोनों ओर 10° डिग्री या इससे अधिक समीप आने पर अस्त माना जाता हैं। यदि शुक्र वक्री चल रहा हो तो सूर्य के दोनों ओर 8 डिग्री या इससे अधिक समीप आने पर अस्त माना जाता हैं। शनि सूर्य के दोनों ओर 15° डिग्री या इससे अधिक समीप आने पर अस्त माना जाता हैं। राहु-केतु छाया ग्रह होने के कारण अस्त वाला सिद्धांत उन्हें लागू नही होता ।
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