
मैडिकल फील्ड में करियर और ग्रहयोग - शिव शक्ति ज्य...
मैडिकल फील्ड में करियर और ग्रहयोग - शिव शक्ति ज्योतिषी 97555555085 इंदौर चिकित्सा या मेडिकल फील्ड में करियर बनाना और एक डॉक्टर के रूप में कार्यरत अनेकों जातकों का लक्ष्य होता है जिसके लिए शिक्षाकाल से ही स्टूडेंट्स अपनी विशेष शिक्षा और मैडिकल फील्ड की तैयारी के लिए परिश्रम करना शुरू कर देते हैं जिनमे से अपनी प्रतिभा अनुसार प्रत्येक को भिन्न भिन्न स्तर की सफलता प्राप्त होती है तो कुछ को परिश्रम के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते वास्तव में हमारी जन्मकुंडली में कुछ विशेष ग्रह और ग्रहस्थितियां होने पर ही जातक मैडिकल फील्ड में आगे बढ़ पाता है और एक डॉक्टर के रूप में अपने को स्थापित कर पाता है तो आईये जानते हैं कौनसे विशेष ग्रहयोग व्यक्ति को चिकित्सा के क्षेत्र में सफलता दिलाते हैं.............. "ज्योतिषीय दृष्टि से "सूर्य" को चिकित्सा शास्त्र, औषधि और चिकित्सक का कारक माना गया है अतः मेडिकल फील्ड में सफल होने और एक डॉक्टर के रूप में प्रतिष्ठापित हो पाने में सूर्य की ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका होती है जातक की कुंडली में स्थित मजबूत और अच्छी स्थिति में स्थित सूर्य ही व्यक्ति को चिकित्सा क्षेत्र की योग्यता देकर एक योग्य डॉक्टर बनाता है तो यहाँ सूर्य तो मैडिकल फील्ड के लिए मुख्य ग्रह है ही पर मैडिकल फील्ड में अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी एक अच्छा और सफल डॉक्टर बन पाने में जो एक और ग्रह अपनी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है वह है "बृहस्पति".... वास्तव में बृहस्पति को उपचार, ट्रीटमेंट और समाधान शक्ति का कारक माना गया है कुंडली में मजबूत और अच्छी स्थिति में स्थित बृहस्पति ही व्यक्ति को एक अच्छा उपचारक बनाता है, व्यक्ति की कुंडली में सूर्य अच्छी स्थिति में होने पर वह डॉक्टर तो बन सकता है पर यदि उसकी कुंडली में बृहस्पति कमजोर या पीड़ित स्थिति में है तो ऐसे में उसका उपचार या ट्रीटमेंट अच्छा परिणाम देने वाला नहीं होगा बृहस्पति कमजोर होने पर व्यक्ति में अच्छी हीलिंग पावर नहीं होती जिससे ऐसा व्यक्ति लोगों की समस्या का अच्छा समाधान नहीं कर पाता इसलिए एक अच्छा और सफल डॉक्टर बनने के लिए व्यक्ति की कुंडली में सूर्य के साथ साथ बृहस्पति का बली होना भी बहुत आवश्यक है तो कुल मिलाकर मेडिकल फील्ड में सफलता के लिए सूर्य और बृहस्पति की अहम भूमिका होती है जो कुंडली में बली होने या करियर को प्रभावित करने पर व्यक्ति को चिकित्सा के क्षेत्र में सफलता दिलाते हैं……………. मेडिकल फील्ड में सफलता के कुछ विशेष ग्रहयोग - 1. यदि सूर्य बली होकर कुंडली के दशम भाव (करियर का भाव) में स्थित हो या दशम भाव पर सूर्य की दृष्टि हो तो मेडिकल फील्ड में सफलता मिलती है। 2. कुंडली में यदि सूर्य स्व उच्च राशि (सिंह, मेष) में होकर केंद्र त्रिकोण आदि शुभ भावों में हो तो भी मेडिकल फील्ड में सफलता का योग होता है। 3. यदि सूर्य और बृहस्पति का योग दशम भाव में हो तो यह भी मेडिकल फील्ड में सफलता के लिए अच्छा योग होता है। 4. सूर्य बृहस्पति का योग यदि मेष, कर्क, सिंह, धनु, और मीन राशि में शुभ भावों में हो तो मेडिकल फील्ड की सफलता के लिए बहुत अच्छा होता है। 5. सूर्य मंगल का योग दशम भाव में होना भी मेडिकल फील्ड के लिए सहायक होता है। 6. कुंडली में बृहस्पति का मजबूत और अच्छी स्थिति में होने पर डॉक्टर का ट्रीटमेंट बहुत अच्छा परिणाम देने वाला होता है। विशेष - मैडिकल फील्ड में सफलता के लिए सूर्य और बृहस्पति का बली होना तो इस क्षेत्र में करियर और सफलता को निश्चित करता ही है पर चिकित्सा के विभिन्न विभागों या क्षेत्रों को देखें तो कुंडली में तुलनात्मक रूप से यदि सूर्य अधिक बली और मजबूत हो तो ऐसे में व्यक्ति फिजिशियन बनता है, यदि कुंडली में मंगल अधिक बली होने से कुंडली में मंगल की प्रधानता अधिक हो तो यह व्यक्ति को सर्जन बनाता है, शनि अधिक बली होने पर जातक हड्डियों का डॉक्टर और दन्त चिकित्सा की और जाता है, बुध अधिक मजबूत और बली होने पर जातक त्वचा रोग विशेषज्ञ बनता है और कुंडली में शुक्र का अधिक बली होकर कुंडली को प्रभावित करना जातक को गायनोकॉलोजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) बनाता है यदि कुंडली में बृहस्पति बहुत अधिक बलि और प्रभावी स्थिति में हो तो यह व्यक्ति को प्राकृतिक, प्राचीन या पारम्परिक चिकित्सा जैसे आयुर्वेद होम्योपैथी आदि की और ले जाता है।
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