
रत्न विशेष:- मोती (Pearl)किसे धारण करना चाहिए। १. ...
रत्न विशेष:- मोती (Pearl)किसे धारण करना चाहिए। १. यदि चंद्रमा केंद्र में हो तो हल्के प्रभाव का माना जाता है अतः चंद्र प्रभाव को बढ़ाने के लिए मोती धारण करने का प्रावधान है। २. यदि चंद्रमा सूर्य के साथ हो तो चंद्रमा का प्रभाव क्षीण हो जाता है इस स्थिति में मोती धारण करें। ३. यदि विशोंतरी दशा में चंद्रमा की महादशा बुरी चल रही हो तो मोती धारण करें। ४. यदि चंद्रमा राहु के साथ बैठा हो तो मोती धारण कर लाभ उठाएं। ५. यदि चंद्रमा मिथुन लग्न में धन स्थान का स्वामी होकर छठे स्थान में बैठा हो तो चंद्रमा धारण करना लाभप्रद है। ६. यदि चंद्रमा नीच वक्री हो। ७. यदि जन्म कुंडली में चंद्रमा द्वितीयेश होकर सप्तम भाव में , चतुर्थेश होकर नवम भाव में , पंचमेश होकर नवम भाव में , दशमेश होकर तृतीय भाव में अथवा एकादश होकर चतुर्थ भाव में विराजमान हो तो मोती धारण करना अत्यंत फलप्रद होता है। ८. यदि चंद्रमा जन्म कुंडली में षष्ट , अष्टम अथवा द्वादश भाव में विराजित हो तो चंद्रमा पहने। ९. यदि चंद्रमा अपनी राशि से छठे या आठवें घर में स्थित हो। १०. यदि चंद्रमा कुंडली में वृश्चिक राशि का होकर किसी भी भाव में स्थित हो।
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